8 लाख की आय और 25 लाख की फीस! मेडिकल छात्र की दलील से क्यों असहमत हुआ सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court On EWS Student NEET Medical College Petition: सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG छात्र हर्षवर्धन सिंह की याचिका खारिज की. कोर्ट ने कहा निजी मेडिकल कॉलेजों को सरकारी जैसी कम फीस लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकते. इसके लिए माननीय कोर्ट ने स्कॉलरशिप को विकल्प बताया. याचिका में कहा गया था कि EWS श्रेणी में शामिल होने के लिए परिवार की सालाना आय सीमा अधिकतम 8 लाख रुपये निर्धारित है. दूसरी तरफ निजी मेडिकल कॉलेजों में ट्यूशन फीस 18.9 लाख रुपये से लेकर 25 लाख रुपये सालाना तक है. छात्र की ओर से दलील दी गई कि यह स्थिति पूरी तरह अतार्किक है और EWS वर्ग के छात्रों के लिए बड़ी परेशानी पैदा करती है.

8 लाख की आय और 25 लाख की फीस! मेडिकल छात्र की दलील से क्यों असहमत हुआ सुप्रीम कोर्ट