VIDEO: पटना से मुंबई तक सियासत और सड़कों पर बवाल कहीं प्रदर्शन तो कहीं डर का साया… आज की बड़ी खबरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है. पटना में शुक्रवार को बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर लाठियां चलीं और पत्थरबाजी हुई. कांग्रेस दफ्तर के बाहर मचा इस बवाल में कई लोग घायल हुए. दरअसल, दरभंगा में राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा के दौरान कांग्रेस मंच से पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी. इसी को लेकर बीजेपी कार्यकर्ता पटना में कांग्रेस दफ्तर पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे. वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उनकी भिड़ंत हो गई. पुलिस ने गेट बंद कराकर हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन गुस्साए कार्यकर्ताओं ने गेट तोड़ने तक की कोशिश की. हंगामे में कांग्रेस दफ्तर के बाहर खड़ी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा. बीजेपी मंत्री नितिन नवीन ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का अपमान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस ने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को हटाकर तनाव कम किया, लेकिन शहर में देर तक तनाव की स्थिति बनी रही. उधर, वाराणसी से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई. यहां सड़क पर चल रही महिला से स्कूटी सवार युवक ने छेड़खानी की. उसने महिला की कमर पर हाथ मारा और भाग निकला. घटना पास लगे सीसीटीवी में कैद हो गई. महिला ने वीडियो के जरिए आरोपी की पहचान की और परिजनों के साथ उसके घर पहुंच गई. वहां उसने आरोपी की जमकर पिटाई की. आसपास मौजूद लोग भी महिला के साथ हो लिए और आरोपी को थप्पड़ और डंडों से पीटा. पुलिस मामले की जांच कर रही है.बहराइच जिले की महसी तहसील में भेड़ियों ने दोबारा दहशत फैला दी. पिछले दिनों चार ग्रामीणों पर हमला किया गया. इनमें एक बुजुर्ग का चेहरा नोच डाला गया और एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई. पिछले साल भी इसी इलाके में भेड़ियों ने 11 लोगों की जान ले ली थी. अब फिर हमले शुरू होने से ग्रामीणों में खौफ है. लोग रात में डंडे लेकर पहरा देने लगे हैं. इधर, मुंबई का आजाद मैदान मराठा आरक्षण आंदोलन का गवाह बना. आंदोलनकारी नेता मनोज जरांगे पाटिल भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. उनकी मांग है कि मराठा समाज को कुनबी जाति में शामिल किया जाए ताकि उन्हें ओबीसी श्रेणी में आरक्षण का लाभ मिल सके. आंदोलन में हजारों लोग शामिल हुए, जिससे मैदान खचाखच भर गया. पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी और इलाके की सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई.संभल में पिछले साल की हिंसा पर आई 450 पन्नों की न्यायिक जांच रिपोर्ट ने फिर से बहस छेड़ दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि बीते दशकों में हर दंगे के बाद हिंदू समुदाय का पलायन हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक हिंसा में अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों का हाथ होने की भी आशंका जताई गई है. शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए शहर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया.

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