Monsoon: बादल आते हैं घूमते हैं और लौट जाते हैं आखिर उत्तर भारत में क्यों नहीं बरस रहा मानसून

Monsoon Update: देशभर में लोग मानसून का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इस बार बारिश की चाल ने मौसम वैज्ञानिकों से लेकर किसानों तक सभी की चिंता बढ़ा दी है. जून खत्म होने को है, फिर भी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गुजरात और कई अन्य राज्यों में मानसून उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं हो पाया है. आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 जून से 27 जून के बीच देश में औसतन 43 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. मेघालय में 82%, गुजरात में 79%, मणिपुर में 71%, छत्तीसगढ़ में 68% और उत्तर प्रदेश में 56% तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई है. यही वजह है कि कई इलाकों में भीषण गर्मी का दौर अभी भी जारी है. मौसम विभाग के अनुसार मानसून की धीमी रफ्तार के पीछे कई कारण हैं. मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) की कमजोर गतिविधि, सोमाली जेट की सुस्ती और पश्चिम एशिया से आने वाली गर्म व शुष्क हवाएं मानसून की प्रगति में बाधा बन रही हैं. इसके अलावा जलवायु परिवर्तन और बढ़ता वैश्विक तापमान भी मौसम के पैटर्न को प्रभावित कर रहे हैं. सबसे ज्यादा चिंता किसानों को सता रही है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई का समय निकलता जा रहा है. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि जुलाई के पहले सप्ताह में उत्तर भारत के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो सकता है. फिलहाल लोगों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं और सभी को बारिश की पहली फुहार का इंतजार है.

Monsoon: बादल आते हैं घूमते हैं और लौट जाते हैं आखिर उत्तर भारत में क्यों नहीं बरस रहा मानसून