अमेठी के स्वतंत्रता सेनानी रामनाथ सिंह जिनका अंग्रेज भी नहीं तोड़ पाए हौसाला जानिए भारत माता के वीर सपूत की कहानी

अमेठी के गौरीगंज क्षेत्र के रोहसी बुजुर्ग गांव निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामनाथ सिंह ने कम उम्र में ही देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था. अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें जेल में डाला और यातनाएं दीं, यहां तक कि उनकी आंखों की रोशनी भी चली गई, लेकिन देशभक्ति का जज्बा कम नहीं हुआ. 1972 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें ताम्र पत्र से सम्मानित किया था. आज भी उनका परिवार उनकी वीरता और बलिदान पर गर्व करता है.

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