CSMT: 16 लाख का बजट पत्थरों में कैद है 16 जातियों की अद्भुत कला 10 साल में बनकर तैयार हुई थी मुंबई की 138 साल पुरानी धड़कन

मुंबई की पहचान और भारतीय रेलवे के गौरव का प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस आज 138 साल पूरे कर चुका है. 20 जून 1888 को आम लोगों के लिए खोला गया यह स्टेशन कभी विक्टोरिया टर्मिनस के नाम से जाना जाता था. 16 लाख रुपये की लागत और 10 साल की मेहनत से बनी इस ऐतिहासिक इमारत में 16 समुदायों के चेहरे उकेरे गए हैं. यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त सीएसएमटी आज भी रोजाना लाखों यात्रियों की जिंदगी का अहम हिस्सा है और मुंबई की धड़कन कहलाता है.

CSMT: 16 लाख का बजट पत्थरों में कैद है 16 जातियों की अद्भुत कला 10 साल में बनकर तैयार हुई थी मुंबई की 138 साल पुरानी धड़कन