1958 से 2024 तक पाकिस्तानी जनरल तख़्तापलट और प्रधानमंत्री का बाय-बाय
1958 से 2024 तक पाकिस्तान का सत्ता इतिहास में लोकतंत्र हमेशा वर्दी की छाया में रहा. कभी तख़्तापलट के ज़रिए, कभी अदालतों और राजनीतिक इंजीनियरिंग के माध्यम से, पाकिस्तानी जनरलों ने तय किया कि प्रधानमंत्री कौन होगा और कब हटेगा. इमरान ख़ान का उदय और पतन इसी सैन्य वर्चस्व की सबसे ताज़ा मिसाल है.