अखबारों में नाम छापने पर रोक तस्वीर पर पाबंदी शेख हसीना को मिटाने की हर कोशिश हो रही नाकाम!

तख्तापलट, निर्वासन, मौत की सजा और राजनीतिक प्रतिबंधों के बावजूद शेख हसीना ने साफ कर दिया है कि वह बांग्लादेश लौटेंगी. नाम छापने और तस्वीर प्रकाशित करने पर कथित पाबंदियों के बीच भी उनका राजनीतिक प्रभाव और अवामी लीग की मौजूदगी चर्चा के केंद्र में है.

अखबारों में नाम छापने पर रोक तस्वीर पर पाबंदी शेख हसीना को मिटाने की हर कोशिश हो रही नाकाम!