केवलादेव में गहराया जल संकट! 200 से घटकर सिर्फ 80 रह गए राजहंस प्रदूषित पानी ने बढ़ाई लोगों की टेंशन

Keoladeo National Park: भरतपुर के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में पानी की कमी और प्रदूषित जल के कारण पार्क का प्राकृतिक इकोसिस्टम प्रभावित हो रहा है. इसका असर प्रवासी पक्षियों, विशेषकर राजहंसों, पर साफ दिखाई दे रहा है. कभी यहां करीब 200 राजहंस आते थे, लेकिन अब उनकी संख्या घटकर लगभग 80 रह गई है. विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त स्वच्छ पानी की कमी, जल प्रदूषण और वेटलैंड की बदलती परिस्थितियां इस गिरावट की प्रमुख वजह हैं. यदि समय रहते जल प्रबंधन और संरक्षण के प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो केवलादेव की समृद्ध जैव विविधता और प्रवासी पक्षियों का भविष्य गंभीर संकट में पड़ सकता है.

केवलादेव में गहराया जल संकट! 200 से घटकर सिर्फ 80 रह गए राजहंस प्रदूषित पानी ने बढ़ाई लोगों की टेंशन