मशहूर हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा के साथ कैसे हुआ ‘खेला’ क्या है मामला

हरियाणा के महेंद्रगढ़ के नारनौल में मशहूर हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा के फर्जी हस्ताक्षर कर करोड़ों की प्रापर्टी में हेराफेरी का मामला सामने आया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

मशहूर हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा के साथ कैसे हुआ ‘खेला’ क्या है मामला
नारनौल. हरियाणा के नारनौल में मशहूर हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा के फर्जी हस्ताक्षर कर करोड़ों की प्रापर्टी में हेराफेरी का मामला सामने आया है. इस बारे में कवि सुरेंद्र शर्मा ने डीसी, एसपी और पुलिस महानिरीक्षक को शिकायत दी है. उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. इसी मामले को लेकर सुरेंद्र शर्मा ने आज पुलिस में अपने बयान दर्ज करवाए हैं. हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा नांगल चौधरी के रहने वाले हैं. उनके परिवार की नांगल चौधरी और सरेली में काफी भूमि है. हालांकि, हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा के पिता पिछले 60 से 70 साल पहले दिल्ली में रहने लगे थे. कवि सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि उनके पिता ने गांव में धर्मशाला बनवाई थी. इसके बाद उन्होंने धर्मशाला की ऊपरी मंजिल का निर्माण करवाया था. पिता बालकिशन शर्मा की इच्छा थी कि धर्मशाला का इस्तेमाल हर बिरादरी के लोग करें. इस धर्मशाला का इस्तेमाल वर्तमान में आरोपी पुष्करमल और उनके परिवार की ओर से स्कूल के रूप में किया जा रहा है. जब उन्हें पता चला तो बात बढ़ाने की बजाए कवि सुरेंद्र शर्मा ने स्कूल में कम से कम 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को निशुल्क पढ़ाने और स्कूल का नाम उनके पिता के बाबा रामस्वरूप नाम से करने की बात कही थी. लेकिन आरोपियों ने उनकी बात नहीं मानी. उन्होंने बताया कि हाल ही में दिपावली के पास भतीजी लता शर्मा को पता चला कि उनके फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर एक वकालतनामा लगाया गया. इस वकालतनामा का इस्तेमाल कहां-कहां हुआ है, यह जांच करवाने के लिए पुलिस को शिकायत दी गई है. कवि सुरेंद्र शर्मा और उनकी भतीजी लता शर्मा ने एडवोकेट हेमंत शर्मा से निरीक्षण करवाने के बाद पुलिस को शिकायत दी है. उन्होंने बताया कि यह भी पता चला कि परिवार की प्रापर्टी की बंटवारा (तकसीम) के मामले में सहायक क्लेक्टर प्रथम श्रेणी नांगल चौधरी ने पांच अगस्त 2010 को एप्लीकेशन लगाई गई थी. 30 नवंबर 2010 को फैसला कर दिया गया. हैरानी की बात तो यह है कि तकसीम से संबंधित दावा डालने से पहले ही 2009 में सुरेंद्र शर्मा को सम्मन जारी करना दर्शाया दिया गया. इस मामले में सुरेंद्र शर्मा को 16 नवंबर 2009 व 18 नवंबर 2009 को सम्मन तामिल दर्शाए गए हैं. स्वीकृत तकसीम के लिए इन दोनों सम्मनों पर सुरेंद्र शर्मा के फर्जी हस्ताक्षर किए हुए हैं. डीसी ने जांच के लिए कमेटी भी बनाई हास्य कवि ने बताया कि आरोपियों ने उनकी बुआ और बिमला के बच्चों के भी हस्ताक्षर फर्जी करवाए हुए हैं. इस मामले की उन्होंने उपायुक्त, एसपी और आईजी से शिकायत की है. उन्होंने बताया कि उपायुक्त ने इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं. यह कमेटी जांच करेगी कि किस अधिकारी के स्तर पर गड़बड़ी की गई है. इसके साथ ही सरेली की जमीन के रिकार्ड में फेरबदल कर आरोपियों ने पौने चार लाख रुपये का ऋण भी ले लिया. Tags: Haryana News Today, Haryana policeFIRST PUBLISHED : January 4, 2025, 12:49 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
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