डिफेंस डील हो तो ऐसीराफेल फाइटर जेट पर भारत की मनचाही मुराद पूरी 40 साल तक कोई टंटा नहीं

Rafale Fighter Jet Deal: भारत अपने एरियल अटैक कैपेबिलिटी को लगातार बढ़ाने की कोशिश में जुटा है. फाइटर जेट इसमें काफी अहम है. इंडियन एयरफोर्स के लिए 42 स्‍क्‍वाड्रन सैंक्‍शन हैं, लेकिन मौजूदा समय में इसकी संख्‍या 29 है. सामरिक रूप से यह स्थिति इसलिए बेहद चिंताजनक है, क्‍योंकि भारत की सीमा एक तरफ पाकिस्‍तान तो दूसरी तरफ चीन से लगती है. इन दोनों के साथ देश युद्ध लड़ चुका है. जमीनी हालात तो टू-फ्रंट वॉर की तैयारी की होनी चाहिए, पर स्थिति इसके बिल्‍कुल उलट है. लेकिन भारत अब लड़ाकू विमान की इस कमी को खत्‍म करने की दिशा में दो मोर्चों पर लगातार आगे बढ़ रहा है - आयात और देसी टेक्‍नोलॉजी से घर में ही फाइटर एयरक्राफ्ट का प्रोडक्‍शन.

डिफेंस डील हो तो ऐसीराफेल फाइटर जेट पर भारत की मनचाही मुराद पूरी 40 साल तक कोई टंटा नहीं