न कार न बंगला 15 साल की बेटी ने उठाया कांवर महादेव से मांगी सिर्फ पढ़ाई की मदद

15 साल की साधना ने गरीबी, कर्ज और स्कूल फीस की चिंता के बीच हिम्मत नहीं हारी. दिव्यांग माता-पिता के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर अपने गांव कोसीकलां तक पैदल निकली है. उसका विश्वास है कि भोले बाबा उसकी पढ़ाई और परिवार की परेशानियां दूर करेंगे. आस्था, संघर्ष और उम्मीद की यह कहानी हर किसी को प्रेरित करती है.

न कार न बंगला 15 साल की बेटी ने उठाया कांवर महादेव से मांगी सिर्फ पढ़ाई की मदद