लिट्टी ही नहीं खोया वाली बगिया भी है बिहार की खास पहचान बनाना भी है आसान
लिट्टी ही नहीं खोया वाली बगिया भी है बिहार की खास पहचान बनाना भी है आसान
बिहार की पहचान सिर्फ लिट्टी-चोखा तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां का पारंपरिक व्यंजन बगिया (पीठा) भी लोगों के बीच खासा लोकप्रिय है. खासकर सर्दियों के मौसम में गांवों में तरह-तरह के देसी पकवान बनाए जाते हैं. इन्हीं में से एक है खोवा वाला बगिया, जिसका स्वाद बाकी पीठों से बिल्कुल अलग होता है. खोवा वाला बगिया बनाने के लिए चावल का आटा, खोवा और दूध की जरूरत होती है. सबसे पहले चावल के आटे को गुनगुने पानी से थोड़ा सख्त गूंथ लिया जाता है. इसके बाद खोवा में हल्का इलायची पाउडर मिलाकर उसे आटे के अंदर भर दिया जाता है. तैयार बगिया को दूध और चीनी डालकर हल्की आंच पर पकाया जाता है. जब दूध गाढ़ा हो जाए और बगिया अच्छी तरह पक जाए, तो यह खाने के लिए तैयार हो जाता है.