पूर्णिया का 1955 में बना कला भवन कलाकारों की है नर्सरी जहां सैकड़ों को मिली राष्ट्रीय पहचान

Purnia Kala Bhavan: पूर्णिया की कला, संस्कृति, सभ्यता और लोक संगीत की बात हो तो सबसे पहले यहां के प्राचीन कला भवन का नाम सामने आता है. कचहरी से थाना चौक जाने वाली सड़क किनारे स्थित यह इमारत शहर की सबसे पुरानी सांस्कृतिक धरोहरों में गिनी जाती है. वर्षों से यह भवन स्थानीय कलाकारों को पहचान दिलाने का प्रमुख केंद्र रहा है.

पूर्णिया का 1955 में बना कला भवन कलाकारों की है नर्सरी जहां सैकड़ों को मिली राष्ट्रीय पहचान