कुंवारी कन्या से लेकर पुरुषों तक यहां जानिए कलावा बांधने के अलग-अलग नियम जो शायद ही हो आपको मालूम
धार्मिक परंपराओं के अनुसार कलावा बंधवाते समय सिर को रुमाल, दुपट्टे या पल्लू से ढंकना चाहिए. साथ ही मुट्ठी में चावल, पुष्प या दक्षिणा रखकर कलावा बंधवाना शुभ माना गया है. उन्होंने बताया कि पुरोहित द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच तीन, पांच या सात बार कलावा लपेटकर बांधा जाता है, जिसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है.