रासायनिक खाद छोड़ अपनाई हरी खाद अब अलवर के किसानों की आय में हुआ शानदार इजाफा
रासायनिक खाद छोड़ अपनाई हरी खाद अब अलवर के किसानों की आय में हुआ शानदार इजाफा
अलवर जिले के बहरोड़ क्षेत्र के किसान अब रासायनिक खाद की जगह हरी खाद (उँचा) और जैविक खेती को अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा कमा रहे हैं. हरी खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ी है, खेती की लागत घटी है और फसलों की पैदावार में करीब 5 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है. जैविक तरीके से उगाए गए गेहूं को मंडियों में सामान्य गेहूं की तुलना में 400 से 600 रुपये प्रति क्विंटल अधिक भाव मिल रहा है. कृषि विभाग भी किसानों को हरी खाद अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है.