मानसून में गाय-भैंस पालने वाले हो जाएं अलर्ट! ये एक गलती घटा सकती है दूध उत्पादन

मानसून के दौरान गाय, भैंस और बकरी जैसे पशुओं में आंतों के कीड़ों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है, जिससे उनका स्वास्थ्य, वजन और दूध उत्पादन प्रभावित हो सकता है. कृषि विज्ञान केंद्र, बेगूसराय के पशु विशेषज्ञ डॉ. रामकृष्ण राय बताते हैं कि इस मौसम में समय पर कृमिनाशक दवा देना बेहद जरूरी है. गर्भित पशुओं के लिए फेनबेंडाजोल या आइवरमेक्टिन, जबकि सामान्य पशुओं के लिए एल्बेंडाजोल जैसी दवाएं उपयोगी मानी जाती हैं. दवा की मात्रा पशु के वजन और स्थिति के अनुसार ही तय करनी चाहिए. सही समय पर उपचार करने से पशु स्वस्थ रहते हैं और उत्पादन पर भी असर नहीं पड़ता.

मानसून में गाय-भैंस पालने वाले हो जाएं अलर्ट! ये एक गलती घटा सकती है दूध उत्पादन