धान की खेती में SRI तकनीक से कम बीज कम पानी में पाएं बंपर पैदावार नीली मेहता ने बताए फायदे जानें कैसे करें इस्तेमाल

गोंडा में किसान अब धान की खेती के लिए SRI तकनीक अपना रहे हैं. नीली मेहता के अनुसार, इससे कम बीज व पानी में अच्छी पैदावार मिलती है. यह तकनीक पानी की 30-40% बचत करती है.धान की खेती में बढ़ती लागत और पानी की कमी के बीच किसान अब ऐसी तकनीकों की तलाश कर रहे हैं, जिनसे कम खर्च में अधिक उत्पादन मिल सके.एसआरआई तकनीक में 10 से 14 दिन वाले पौध का रोपण किया जाता है. पौध को एक-एक करके लगभग 25×25 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाया जाता है. इससे हर पौधे को पर्याप्त धूप, हवा और पोषक तत्व मिलते हैं. पौध की जड़ें मजबूत होती हैं और अधिक संख्या में कल्ले निकलते हैं, जिससे उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है.

धान की खेती में SRI तकनीक से कम बीज कम पानी में पाएं बंपर पैदावार नीली मेहता ने बताए फायदे जानें कैसे करें इस्तेमाल