रबी सीजन में सोच रहे हैं गाजर की खेती तो पहले जान लें बीज और सिंचाई का सही हिसाब

मुरादाबाद के किसान रबी सीजन में गाजर की खेती करके अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं. कृषि वैज्ञानिक के अनुसार गाजर के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है, जिसमें पानी का ठहराव न हो. खेत की तैयारी के बाद प्रति एकड़ करीब 3 से 4 किलो बीज की जरूरत होती है और कतार से कतार की दूरी 20 से 25 सेंटीमीटर रखी जा सकती है. सही देखभाल और सिंचाई से प्रति एकड़ 80 से 120 क्विंटल तक उत्पादन मिलने की संभावना रहती है.

रबी सीजन में सोच रहे हैं गाजर की खेती तो पहले जान लें बीज और सिंचाई का सही हिसाब