अब इस विश्वविद्यालय में होगी सिविल सर्विस की तैयारी 55 सीटों पर होगा एडमिशन
अब इस विश्वविद्यालय में होगी सिविल सर्विस की तैयारी 55 सीटों पर होगा एडमिशन
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के निदेशक प्रोफेसर सर्वनारायण झा ने बताया कि संस्कृत के छात्रों को सिविल सर्विस की तैयारी करने में अभी दिक्कत होती है. वह संस्कृत को भी विषय बनाना चाहते थे. इसलिए नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय में बीए ऑनर्स इन संस्कृत एंड सिविल सर्विस कोर्स की शुरुआत होने जा रही है
लखनऊ/अंजलि सिंह राजपूत: सिविल सर्विस की तैयारी करने के लिए अब छात्र-छात्राओं को निजी महंगी कोचिंग में जाकर अपना वक्त नहीं देना होगा. क्योंकि, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय यहां शुरू करने जा रहा है एक ऐसा कोर्स, जिसके जरिए सिविल सर्विस की तैयारी कराई जाएगी.
इस कोर्स के बारे में जानने के लिए जब यहां के निदेशक प्रोफेसर सर्वनारायण झा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि संस्कृत के छात्रों को सिविल सर्विस की तैयारी करने में अभी दिक्कत होती है. वह संस्कृत को भी विषय बनाना चाहते थे. इसलिए नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय में बीए ऑनर्स इन संस्कृत एंड सिविल सर्विस कोर्स की शुरुआत होने जा रही है, जिसके जरिए छात्र-छात्राएं संस्कृत के साथ ही बाकी विषय जितने भी सिविल सर्विस में पढ़ाए जाते हैं, वह सभी पढ़ सकेंगे. इससे उन्हें समझना भी आसान हो जाएगा. संस्कृत के साथ ही सभी विषय इसमें होंगे तो, एक ही छत के नीचे छात्र-छात्राओं की अच्छी तैयारी हो जाएगी.
55 सीटों पर होगा आवेदन
निदेशक प्रोफेसर सर्व नारायण झा ने बताया कि इसमें कुल 55 सीटों पर आवेदन होगा. 55 सीटों पर छात्र-छात्राएं आवेदन कर सकेंगे. आवेदन के बारे में ज्यादा जानकारी लेने के लिए छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय भी आकर जानकारी ले सकते हैं. अभी यह तय नहीं हुआ है कि आवेदन ऑनलाइन होगा या ऑफलाइन. फिलहाल, टेस्ट के जरिए दाखिला होगा.
इतनी होगी फीस
निदेशक प्रोफेसर सर्वनारायण झा ने बताया कि इसमें प्रति सेमेस्टर 14 से 15000 रुपए फीस होगी. यह ऑनर्स कोर्स है यानी बीए ऑनर्स इन संस्कृत एंड सिविल सर्विस है, तो ऐसे में इसमें 8 सेमेस्टर हैं और प्रति सेमेस्टर 14 से 15000 फीस रखी गई है.
यह है उद्देश्य
उन्होंने बताया कि संस्कृत बैकग्राउंड के जब छात्र छात्राएं सिविल सर्विस में जाएंगे और प्रशासनिक पद को संभालेंगे, तो उनका नैतिक पतन नहीं होगा. यही उद्देश्य इस कोर्स को शुरू करने के पीछे का है. क्योंकि, जो संस्कृत बैकग्राउंड के छात्र-छात्राएं होंगे. वह प्रशासनिक पद पर बैठकर समाज, सांस्कृतिक और देश के लिए ही काम करेंगे.
Tags: Education news, Local18, Lucknow news, UP newsFIRST PUBLISHED : July 2, 2024, 16:56 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed