बस्तर के गोंचा पर्व पर दिखा बदलते मौसम का असर तुपकी की गोली पेंग हुई दुर्लभ 10 से पहुंची 50 रुपये तक

पेंग विक्रेता का कहना है कि इस साल पेंग ढूंढने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा. बाजार में जितना तुपकी का रेट है, उतना ही पेंग का भी रेट है.तुपकी का रेट 50 रुपये है और पेंग का रेट भी 50 रुपये है. जल्दी बारिश नहीं होने से पेंग का फल नहीं आया है.यह बदलते पर्यावरण का असर है.महेंद्र पाणिग्रही का कहना है कि तुपकी से सलामी दी जाती है.

बस्तर के गोंचा पर्व पर दिखा बदलते मौसम का असर तुपकी की गोली पेंग हुई दुर्लभ 10 से पहुंची 50 रुपये तक