अकाल से शुरू हुई थी काशी की ये परंपरा तब से हर सावन सोमवार को यादव बंधु करते हैं भोलेनाथ का जलाभिषेक

Varanasi Yadav Brother Shiv Jalabhishek History: कथाओं के अनुसार एक बार पूरे देश में खूब अकाल पड़ा था. बारिश नहीं होने के कारण जनमानस में हाहाकार मच गया था. तब काशी के यादव बंधुओ ने इस हाहाकार से मुक्ति के लिए भगवान शिव को प्रसन्न करने का संकल्प लिया. इस संकल्प के तहत यादव बंधुओ ने सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक किया. इसके बाद बारिश हुई और तब से यह परम्परा निरंतर चली आ रही है.

अकाल से शुरू हुई थी काशी की ये परंपरा तब से हर सावन सोमवार को यादव बंधु करते हैं भोलेनाथ का जलाभिषेक