पंडित रामनरेश त्रिपाठी का सुल्तानपुर पर व्यंग्य जानें क्यों आज भी प्रासंगिक है उनका दोहा

सुल्तानपुर के आनंद कुमार त्रिपाठी द्वारा संपादित पंडित रामनरेश त्रिपाठी ग्रंथावली खंड एक के काव्य संकलन में पंडित रामनरेश त्रिपाठी के दोहों का वर्णन किया गया है उसी में एक दोहा यह भी लिखा गया है कि- सुल्तानपुर में सुख चहै तो काम संभाले तीन। चुगली, निंदा और खुशामद कहे देवकलीदीन।। उनके दोहे का वर्णन करते हुए पंडित रामनरेश त्रिपाठी के पुत्र जयंत त्रिपाठी कहते हैं कि पंडित रामनरेश त्रिपाठी बहुत ही दूरदर्शी और उच्च विचारों वाले थे. उन्होंने सुल्तानपुर में ऐसे लोगों पर व्यंग्य कसा जो किसी की निंदा, चुगली और खुशामद को अपनी दिनचर्या मानते हैं.

पंडित रामनरेश त्रिपाठी का सुल्तानपुर पर व्यंग्य जानें क्यों आज भी प्रासंगिक है उनका दोहा