महराजगंज का निचलौल क्षेत्र 1857 की क्रांति और राजा रत्नसेन का ऐतिहासिक संघर्ष अंग्रेजों मे किलो को बम से उड़ाया

महराजगंज जिले के निचलौल स्थित राजेंद्र प्रसाद ताराचंद महाविद्यालय के इतिहास प्रवक्ता डॉ. बृजेश पांडे ने बताया कि 1857 के आसपास जब यह क्षेत्र उनके अधीन था, तब गोरखपुर में सताशी राज, तमकुही राज, बासी में राजा रत्नसेन और अन्य स्थानीय शासकों ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया था. इस दौरान स्थानीय जमींदार भी उनके साथ जुड़ गए, जिससे कुछ समय के लिए यह क्षेत्र अंग्रेजों के प्रभाव से मुक्त हो गया था. राजा के इस विद्रोह का उद्देश्य अंग्रेजी सत्ता को पूरी तरह समाप्त करना था, लेकिन अंग्रेज कमिश्नर ने सेना बुला ली. साथ ही गोरखा सेना के आने से क्रांतिकारियों पर भारी दबाव बन गया.

महराजगंज का निचलौल क्षेत्र 1857 की क्रांति और राजा रत्नसेन का ऐतिहासिक संघर्ष अंग्रेजों मे किलो को बम से उड़ाया