इस शिव मंदिर में बेलपत्र नहीं चढ़ाई जाती है चने की दाल! मान्यता है कि दूर हो जाता है कर्ज जानिए अनोखी परंपरा

मंदिर के पुजारी सुकाजी नायक बताते हैं कि इस मंदिर का इतिहास पांडव काल से जुड़ा हुआ है. अज्ञातवास के दौरान भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों को ऋण से मुक्ति दिलाने के लिए ऋणमुक्तेश्वर महादेव की स्थापना करवाई थी. जब अज्ञातवास समाप्त हुआ है. यहां आकर भगवान का आभार व्यक्त किया. सवाया सोना अर्पित किया. उसी परंपरा के प्रतीक के रूप में आज चने की दाल चढ़ाई जाती है. यह परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है

इस शिव मंदिर में बेलपत्र नहीं चढ़ाई जाती है चने की दाल! मान्यता है कि दूर हो जाता है कर्ज जानिए अनोखी परंपरा