20 साल से कराहता सिंगूर… किसानों को नई पहचान मिलेगी या हमेशा चुकाएंगे कीमत
20 साल से कराहता सिंगूर… किसानों को नई पहचान मिलेगी या हमेशा चुकाएंगे कीमत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के काजीरंगा के बाद पश्चिम बंगाल के सिंगूर पहुंचने वाले हैं. सिंगूर की जमीन, जिसे कभी टाटा मोटर्स के नैनो प्रोजेक्ट के लिए चुना गया था, राजनीति और किसानों के संघर्ष की वजह से अधूरी रही. 2006 में टाटा का प्रोजेक्ट यहां आना था, लेकिन किसानों और राजनीति के टकराव के कारण यह गुजरात चला गया. 2016 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जमीन टाटा को लौटानी पड़ी. हालांकि, किसानों का कहना है कि उनके वादे अभी भी पूरे नहीं हुए और जमीन का बड़ा हिस्सा अभी भी बंजर है. प्रधानमंत्री की यात्रा ने इन अधूरे सवालों को फिर से उजागर किया. बीजेपी का दावा है कि बंगाल में उनकी जीत के साथ सिंगूर की कहानी को नए सिरे से पूरा किया जाएगा.