13 साल की स्टेट प्लेयर नीली जर्सी का सपना मानवी की फेवरेट हैं स्मृति मंधाना

Success Story: जम्मू-कश्मीर के राजौरी की 13 साल की मानवी शर्मा का स्टेट टीम में चयन हुआ है. उसका सपना है कि भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होकर देश और जिले का नाम रोशन करे. हालांकि, घाटी में उचित मैदान और कोचिंग नहीं होने से उसे कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. मानवी ने संबंधित संस्थान से अपील किया है कि उसे उचित सुविधा मुहैया कराने में मदद की जाए.

13 साल की स्टेट प्लेयर नीली जर्सी का सपना मानवी की फेवरेट हैं स्मृति मंधाना
Success Story: भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित राजौरी जिला सेना और आतंकी के साथ मुठभेड़ के लिए अक्सर सुर्खियों में रहता है. वहां रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. लेकिन, लोग सभी चुनौतियों से जूझकर आगे बढ़ने में विश्वास रखते हैं. हाल ही एक 13 साल की लड़की की खूब चर्चा हो रही है. कठिन परिस्थिति से गुजरते हुए यह नाबालिग ने स्टेट लेवल क्रिकेट जगह बनाया है. अब वह नीली जर्सी में खुद को देखने का सपना रखती है. तो चलिए जानते हैं इस होनहार चैंपियन के बारे में. कश्मीर के सरहदी जिला राजौरी के डांगरी गांव की 13 साल की मानवी शर्मा के स्टेट क्रिकेट में चयन हुआ है. वह बचपन से ही क्रिकेट में अपना भविष्य बनाने का सपना देखा करती थी. इस मेहनती बच्ची का सपना अपनी लगन और समर्पण से नेशनल लेवल क्रिकेट तक का सफर तय करना है. उसने बताया कि स्मृति मंधाना उसकी फेवरेट प्लेयर और प्रेरणा है. वह राष्ट्रीय टीम में चयनित होकर अपने जिला, राज्य और देश का नाम रोशन करना चाहती है. मानवी ने अपने अब तक के स्ट्रगल और फ्यूचर प्लान के बारे बात की है. उसने कहा कि वह भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनकर देश और अपने जिले का नाम रोशन करना चाहती हैं. मानवी ने कहा कि राजौरी जैसे सीमावर्ती क्षेत्र में क्रिकेट का अभ्यास करना इतना आसान नहीं है. मानवी ने कहा, ‘यहां अच्छे कोच, ग्राउंड और स्टेडियम की सुविधा नहीं है. इसके बावजूद मैंने कभी हार नहीं मानी और गलियों और छोटे मैदानों में बच्चों के साथ अभ्यास किया. इसी मेहनत के दम पर मैं स्टेट लेवल तक पहुंच सकी हूं.’ मानवी ने एक न्यूज चैनल से बात की. चैनल के माध्यम से उसने जिला प्रशासन, भारतीय सेना और सभी संबंधित संस्थाओं से अपील की है कि उन्हें उचित मंच और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं. वह चाहती हैं कि उन्हें किसी अच्छे क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण लेने का अवसर दिया जाए, ताकि वह अपने सपने को साकार कर सकें. मानवी की मां ने कहा, ‘बचपन से ही हमारी बेटी को क्रिकेट का शौक था. अब उसने इसे अपना मकसद बना लिया है. हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि हमारी बेटी का सपना पूरा हो और वह एक सफल क्रिकेटर बन सके.’ यह कहानी न केवल मानवी की लगन को दिखाती है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मौजूद खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता को भी उजागर करती है. Tags: Indian Cricketer, Rajouri NewsFIRST PUBLISHED : December 7, 2024, 10:38 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed