बागेश्वरः पहाड़ों पर राई के दानों से नजर उतारने की पुरानी परंपरा आज भी कायम कुमाऊं के ग्रामीण इलाकों में जानें मान्यता
बागेश्वरः पहाड़ों पर राई के दानों से नजर उतारने की पुरानी परंपरा आज भी कायम कुमाऊं के ग्रामीण इलाकों में जानें मान्यता
उत्तराखंड में राई के दानों से नजर उतारने की पुरानी परंपरा आज भी कायम है. बागेश्वर समेत कुमाऊं के ग्रामीण इलाकों में लोग इसे मानते हैं, पर इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. बागेश्वर की कुशल गृहिणी सुनीता टम्टा ने फोन के माध्यम से लोकल 18 को बताया कि जब किसी व्यक्ति को नजर लगने की बात मानी जाती है, तो घर में मौजूद सरसों के दानों का इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए करीब आधा मुट्ठी राई के दाने लिए जाते हैं. इसके बाद नजर लगे व्यक्ति के सिर के ऊपर इन दानों को तीन बार घुमाया जाता है. यह प्रक्रिया करते समय परिवार के लोग पारंपरिक तरीके से नजर उतारने की मान्यता का पालन करते हैं.