भले ही FIR झूठी क्यों न हो पति के सुसाइड केस में सुप्रीम कोर्ट से पत्नी को राहत जानें आदेश में क्या कहा
भले ही FIR झूठी क्यों न हो पति के सुसाइड केस में सुप्रीम कोर्ट से पत्नी को राहत जानें आदेश में क्या कहा
Supreme Court News: वैवाहिक विवाद और मुकदमों के बीच खुदकुशी के मामलों में देश की सर्वोच्च अदालत ने एक बेहद महत्वपूर्ण और नजीर बनने वाला कानूनी फैसला सुनाया है. जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने साफ कर दिया है कि किसी भी व्यक्ति पर कानूनी प्रक्रिया शुरू करना आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध बिल्कुल नहीं माना जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानून का सहारा लेना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, भले ही बाद में वह शिकायत झूठी ही क्यों न साबित हो.