आबकारी नीति केस में AAP नेता को राहत कोर्ट ने कहा- इतना भी गंभीर अपराध नहीं कि नायर बोइनपल्ली को जमानत न मिले

Excise Policy Case in delhi: दिल्ली की एक अदालत ने कहा कि आबकारी नीति 2021-22 से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता विजय नायर तथा कारोबारी अभिषेक बोइनपल्ली के खिलाफ कथित अपराध के लिए सात साल की जेल की अधिकतम सजा है, लेकिन यह अपराध इतना भी गंभीर नहीं है कि उन्हें जमानत देने से इनकार किया जाए.

आबकारी नीति केस में AAP नेता को राहत कोर्ट ने कहा- इतना भी गंभीर अपराध नहीं कि नायर बोइनपल्ली को जमानत न मिले
हाइलाइट्सन्यायाधीश ने कहा, 'आपराधिक षडयंत्र के इस अपराध के संबंध में अधिकतम सजा सात साल हैअदालत ने कहा कि नायर तथा बोइनपल्ली को हिरासत में रखना उचित नहीं लगता है नई दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत ने कहा कि आबकारी नीति 2021-22 से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता विजय नायर तथा कारोबारी अभिषेक बोइनपल्ली के खिलाफ कथित अपराध के लिए सात साल की जेल की अधिकतम सजा है, लेकिन यह अपराध इतना भी गंभीर नहीं है कि उन्हें जमानत देने से इनकार किया जाए. विशेष न्यायाधीश एम के नागपाल ने सोमवार को एक आदेश पारित करते हुए यह टिप्पणी की. उन्होंने दोनों को दो-दो लाख रुपये के निजी मुचलके पर राहत दी. आप के संचार प्रभारी नायर और बोइनपल्ली हालांकि, हिरासत में रहेंगे क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन के एक मामले में उन्हें गिरफ्तार किया है. अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार का मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है, जो यह नहीं कहता कि नायर तथा बोइनपल्ली ने कोई स्थायी अपराध नहीं किया, बल्कि वे एक आपराधिक षडयंत्र का कथित तौर पर हिस्सा थे. जो धारा लगी उसमें अधिकतम सजा 7 साल न्यायाधीश ने कहा, ‘आपराधिक षडयंत्र के इस अपराध के संबंध में अधिकतम सजा सात साल है और कानूनी प्रस्तावों के मद्देनजर इसे इतना भी गंभीर नहीं माना जा सकता कि उन्हें जमानत देने से इनकार किया जाए.’ अदालत ने कहा कि बयानों के रूप में एकत्रित किए गए मौखिक सबूतों के अलावा ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि आरोपियों ने बड़ी मात्रा में धन का लेनदेन किया. आपके शहर से (दिल्ली-एनसीआर) राज्य चुनें उत्तर प्रदेश बिहार मध्य प्रदेश राजस्थान उत्तराखंड हरियाणा झारखंड छत्तीसगढ़ हिमाचल प्रदेश महाराष्ट्र पंजाब दिल्ली-एनसीआर क्या जनप्रतिनिधियों पर लगाया जा सकता है बैन? सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा आदेश श्रद्धा मर्डर केस: आरोपी आफताब अमीन पूनावाला पर दिल्‍ली की जेल में 24 घंटे रखी जा रही नजर- देखें Video Shraddha Murder Case: इंस्टाग्राम पर खुद को फूड ब्लॉगर बताता था आफताब, सोशल मीडिया पर इस तरह खुद को करता था पेश Exclusive: श्रद्धा मर्डर केस में सनीसनीखेज खुलासा, लाश काटते वक्त शोर दबाने के लिए वॉटर पम्प चला देता था आफताब! MCD Election: सेवा ही विचार, नहीं खोखले प्रचार... कैम्पेन सॉन्ग में भाजपा ने AAP पर बोला हमला Shraddha Murder Case: श्रद्धा के दोस्‍तों ने किए बड़े खुलासे, कहा- वो आफताब को छोड़ना चाहती थी... श्रद्धा मर्डर केस में खौफनाक खुलासा! फ्रिज में लाश रखकर उसका चेहरा देखता था आफताब Delhi MCD Election: पसमांदा मुसलमानों पर BJP ने जताया भरोसा, उतारे 4 कैंडिडेट तमिलनाडु के छात्रों को काशी दर्शन कराने के लिए रेलवे मंत्रालय देगा सब्सिडी, विस्‍तार से यहां जानें दिल्ली: एम्स में पेट की गंभीर बीमारी से पीड़ित 4 साल के बच्चे को स्‍टाफ ने परोसा खाना, निकला कॉकरोच आफताब ने क्‍या किसी दूसरी महिला की वजह से श्रद्धा को मारा? दिल्‍ली पुलिस इस एंगल से भी कर रही जांच राज्य चुनें उत्तर प्रदेश बिहार मध्य प्रदेश राजस्थान उत्तराखंड हरियाणा झारखंड छत्तीसगढ़ हिमाचल प्रदेश महाराष्ट्र पंजाब दिल्ली-एनसीआर हिरासत में रखने को उचित नहीं माना अदालत ने कहा कि नायर तथा बोइनपल्ली को हिरासत में रखना उचित नहीं लगता है, क्योंकि इस मामले में वे पहले ही क्रमश: 49 दिन और 37 दिन से हिरासत में हैं. पीठ ने कहा, ‘यह स्पष्ट है कि अगर आरोपियों को जमानत पर रिहा किया जाता है तो उनमें से किसी भी आरोपी के फरार होने का खतरा नहीं है.’ सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद हुई थी एफआईआर गौरतलब है कि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई. सीबीआई ने आरोप लगाया है कि नायर हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली के विभिन्न होटलों में “हवाला ऑपरेटर के माध्यम से अवैध धन” की व्यवस्था करने के लिए अन्य सह-आरोपियों और शराब निर्माताओं तथा वितरकों के साथ बैठकें करने में शामिल था. सीबीआई ने दावा किया है कि बोइनपल्ली भी बैठकों का हिस्सा था. ये है केंद्रीय एजेंसी का आरोप केंद्रीय एजेंसी ने आरोप लगाया है कि बोइनपल्ली एक अन्य आरोपी शराब व्यवसायी समीर महेंद्रू के साथ धनशोधन की साजिश में शामिल था, जो गिरफ्तारी के बाद तिहाड़ जेल में बंद है. धनशोधन मामले में ईडी ने दिल्ली के जोर बाग स्थित शराब वितरक इंडोस्पिरिट ग्रुप के प्रबंध निदेशक महेंद्रू की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली और पंजाब में करीब तीन दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की थी. मामले के अन्य आरोपियों में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, तत्कालीन आबकारी आयुक्त अरवा गोपी कृष्ण, उपायुक्त आनंद तिवारी और सहायक आयुक्त पंकज भटनागर शामिल हैं. दोनों एजेंसियों के अनुसार, आबकारी नीति में संशोधन करते समय अनियमितता की गई और लाइसेंसधारकों को अनुचित लाभ दिया गया. ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें up24x7news.com हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट up24x7news.com हिंदी| Tags: Aam aadmi party, Arvind kejriwal, New Delhi news, New excise policyFIRST PUBLISHED : November 15, 2022, 23:25 IST