Video: कभी थे दिहाड़ी मजदूर अब खुद की फैक्ट्री! दोस्त के एक आइडिया ने बदली जिंदगी

Success Story Of Jehanabad Abhishek Kumar: अक्सर लोग सरकारी नौकरी न मिलने पर टूट जाते हैं. लेकिन जहानाबाद के सैदाबाद निवासी अभिषेक कुमार ने आपदा को अवसर में बदल दिया. कभी पढ़ाई और घर चलाने के लिए दिहाड़ी मजदूरी करने वाले अभिषेक आज एक सफल बेकरी उद्यमी हैं. तीन साल तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बाद जब सफलता नहीं मिली, तो एक दोस्त के सुझाव पर उन्होंने बेकरी का काम शुरू किया. शुरुआत में छोटे स्तर पर सप्लाई करने के बाद, अभिषेक ने जीविका समूह और बैंक से लोन लेकर अपने गांव में ही खुद की निर्माण यूनिट लगा ली. आज उनकी फैक्ट्री में प्रतिदिन 40 क्विंटल बेकरी उत्पादों का उत्पादन हो रहा है. जिसकी सप्लाई जहानाबाद, मखदुमपुर और काको जैसे बाजारों में है. इस व्यवसाय से वे न केवल हर महीने 40 हजार रुपये तक कमा रहे हैं, बल्कि झारखंड के कारीगरों और स्थानीय महिलाओं को रोजगार भी दे रहे हैं. अभिषेक की यह कहानी स्वरोजगार की दिशा में एक बड़ी मिसाल बनकर उभरी है.

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