क्या जेल से बाहर आएगी अतुल सुभाष की पत्नी निकिता हाईकोर्ट ने दिया बड़ा आदेश

Atul Subhash Case: अतुल सुभाष सुसाइड मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिया कि वह निकिता सिंघानिया की जमानत याचिका का 4 जनवरी को निपटारा करे.

क्या जेल से बाहर आएगी अतुल सुभाष की पत्नी निकिता हाईकोर्ट ने दिया बड़ा आदेश
हाइलाइट्स अतुल सुभाष केस में पत्नी निकिता की जमानत पर 4 जनवरी को सुनवाई होगी. निकिता पर अतुल को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. सुप्रीम कोर्ट में अतुल के बेटे की कस्टडी का मामला भी चल रहा है. बेंगलुरु: AI सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष सुसाइड केस में पुलिस जांच कर रही है. साथ ही इस मामले में सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया की जमानत का मामला भी हाईकोर्ट में चल रहा है. इस मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को निचली अदालत को निर्देश दिया कि वह निकिता सिंघानिया की जमानत याचिका का 4 जनवरी को निपटारा करे. निकिता पर अपने पति अतुल सुभाष को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. TOI की रिपोर्ट के अनुसार वेकेशन जज न्यायमूर्ति हेमंत चंदनगौदर ने उनकी और अन्य आरोपियों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया. याचिका में कहा गया है कि उनकी गिरफ्तारी अवैध है, क्योंकि गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए गए हैं. हालांकि, न्यायाधीश ने पहले संकेत दिया कि मामले की सुनवाई 6 जनवरी को ही हो सकती है. क्योंकि अतिरिक्त राज्य लोक अभियोजक ने निर्देश प्राप्त करने के लिए समय मांगा था. लेकिन निकिता के वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अतुल के परिवार द्वारा उनके चार वर्षीय बेटे को पेश करने के लिए दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका पर 7 जनवरी को सुनवाई करने वाला है. पढ़ें- Atul Subhash Case: अतुल सुभाष ने मौत से पहले जो कहा वो कोर्ट में हो गया सच, पत्नी ने फिर बनाया बेटे को ढाल, आज का दिन बहुत बड़ा! निकिता के वकील ने क्या दिया तर्क निकिता के वकील ने तर्क दिया कि वह न्यायिक हिरासत में है और शीर्ष अदालत द्वारा जारी नोटिस का जवाब देने की स्थिति में नहीं है, इसलिए वह बचाव में नहीं है. उन्होंने तर्क दिया कि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका अपने आप में हिरासत की लड़ाई के समान होगी और निकिता की अनुपस्थिति में उसके खिलाफ आदेश पारित किया जा सकता है. निकिता ने भी अतुल पर लगाए कई गंभीर आरोप इस बीच इस मामले में जौनपुर कोर्ट का पुराना दस्तावेज सामने आया है. इस दस्तावेज में निकिता ने अपनी सफाई दी है. इसके अलावा निकिता ने अतुल पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं. यह दस्तावेज निकिता बनाम अतुल केस का है. इसमें निकिता ने अतुल के आरोपों पर सफाई दी है. अतुल ने कहा था कि निकिता खुद ही घर छोड़ कर चली गई थी और उसने कहा था कि वो जल्द ही वापस आ जाएगी. लेकिन जौनपुर जाने के बाद उसमें बदलाव आ गया था और उसने एक के बाद एक 9 केस मुझ पर लगा दिए थे. इस निकिता ने सफाई देते हुए कहा था, “वो घर छोड़कर नहीं गई थी. अतुल ने ही उसे घर से बाहर निकाला था. अतुल ने मुझे दो-दो बार घर से बाहर निकाला था. मई 2021 में मुझे घर से निकाल दिया था. इसके बाद सितंबर 2021 में यह सोच कर अतुल के पास बेंगलुरु गई थी कि शायद उसे अपने गलती का एहसास हो गया हो कि उसने कुछ गलत किया है. लेकिन इस बार भी उसने मुझे घर में घुसने नहीं दिया था. जिस वजह से हमें पुलिस में शिकायत करनी पड़ी थी.” मालूम हो कि अतुल 9 दिसंबर को अपने बेंगलुरु अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे और एक सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल वालों द्वारा उत्पीड़न को इस चरम कदम को उठाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था. बाद में इस मामले में निकिता सिंघानिया, उनकी मां और भाई को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. Tags: Crime News, Karnataka High Court, Karnataka NewsFIRST PUBLISHED : January 1, 2025, 11:02 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
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