करप्शन भूले केजरीवाल अब किस मुद्दे पर लगा रहे दांव वजह कहीं खुद तो नहीं
करप्शन भूले केजरीवाल अब किस मुद्दे पर लगा रहे दांव वजह कहीं खुद तो नहीं
Arvind kejriwal News: अरविंद केजरीवाल करप्शन को छोड़कर बार-बार दिल्ली में क्राइम को मुद्दा बना रहे हैं. जहां भी गोलियां चलती है, उनके नेता पहुंच जाते हैं. वे खुद भी इस मुद्दे पर काफी एक्टिव हैं. कहीं इसके पीछे वजह वे खुद तो नहीं.
अरविंद केजरीवाल जब राजनीति में आए थे, तब उनकी जुबां पर सिर्फ करप्शन और डेवलपमेंट का मुद्दा हुआ करता था. करप्शन के पेपर्स लेकर घूमते थे. करप्ट नेताओं के नाम गिनाते थे. लेकिन आजकल वे जहां भी जाते हैं या तो डेवलपमेंट की बात करते हैं या फिर दिल्ली में क्राइम की. शनिवार को गोविंदपुरी में मामूली बात पर दो परिवारों में झगड़ा हो गया. इसमें एक शख्स की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. इसे केजरीवाल ने गृहमंत्री अमित शाह की विफलता से जोड़ दिया. मुख्यमंत्री आतिशी एम्स उस शख्स से मिलने पहुंच गईं, जो हमले में घायल हुआ है. पहले भी, जब भी क्राइम की घटनाएं हुईं, तो आम आदमी पार्टी के नेता पीड़ितों के घरों तक पहुंचे. इसे बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश की. केजरीवाल ने विधानसभा के स्पेशल सेशन में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई तक का जिक्र कर डाला. तो क्या केजरीवाल ने एजेंडा क्लियर कर दिया है? क्या क्राइम पर ही दिल्ली का विधानसभा चुनाव जीतना चाहते हैं? कहीं इसकी वजह वे खुद तो नहीं?
गोविंदपुरी की घटना पर अरविंद केजरीवाल ने कहा, रोजाना जिस तरह से अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं, हर घटना दिल्ली के लोगों के अंदर और ज्यादा दहशत पैदा कर रही है. लोग बहुत ज्यादा डरे हुए हैं. हम ऐसे लोगों से मिल रहे हैं, जिनके साथ ऐसी घटनाएं घटी हैं. वह लोग बहुत ज्यादा खौफ में हैं. आज सुबह जैसे विश्वास नगर में सुनील नाम के व्यापारी मॉर्निंग वॉक से घर लौट रहे थे. भरी सड़क पर उनको गोली मार दी गई. इसी तरह गोविंदपुरी में चाकू मार कर मर्डर कर दिया गया. ना व्यापारी सुरक्षित हैं, न आम लोग. खुलेआम गैंगस्टर फिरौती के लिए फोन करते हैं. गृहमंत्री अमित शाह उन्हें पकड़ते क्यों नहीं. सड़क पर निकले तो आपके साथ स्नैचिंग हो रही है. दिल्ली में कोने-कोने में नशा बिक रहा है. रोज 17 बच्चे मिस हो रहे हैं. केंद्र सरकार के पास टाइम ही नहीं.
गृहमंत्री केजरीवाल के निशाने पर
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सराकर से सवाल पूछा, दो सरकारें दिल्ली के अंदर हैं. स्कूल ठीक करने की जिम्मेदारी हमारे पास है. दिल्ली में अस्पताल और बिजली ठीक करने की जिम्मेदारी हमारी है. कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के अधीन है. उनको एक ही जिम्मेदारी दी गई थी. केंद्र में भी गृहमंत्री अमित शाह की जिम्मेदारी है, वह कोई ठोस काम नहीं कर रहे हैं. बीजेपी के लोग कह रहे हैं, लॉ एंड ऑर्डर कोई मुद्दा नहीं है. दिल्ली के लोग मर रहे हैं. वह कहते हैं खुद लॉ एंड ऑर्डर कोई मुद्दा नहीं है.
बीजेपी भ्रष्टाचार-रोहिंग्या पर खींच रही
-केजरीवाल जहां करप्शन की बात नहीं करते, वहीं बीजेपी उन्हें इसी मुद्दे पर खींच रही है. बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, ‘अब नहीं तो सहेंगे, बादल के रहेंगे’ यह दिल्ली के लोगों का नारा है. वे भष्ट दिल्ली सरकार को हटाना चाहते हैं. दिल्ली की जनता टूटी सड़कों, गंदे पानी, भ्रष्टाचार से तंग आ चुकी है. केजरीवाल इन मुद्दों पर बात नहीं करते.
-केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, केजरीवाल सरकार ने दिल्ली को बारूद के हवाले कर रखा है. रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को पाला-पोसा जा रहा है. वे जिहाद शुरू करेंगे और आत्मघाती हमलावर बनेंगे.
-मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया, केजरीवाल तिहाड़ जेल से गैंग को ऑपरेट करा रहे हैं. उन्होंने तिहाड़ जेल में बंद गैंग से सिद्धू मूसे वाला की हत्या कराई. रमेश बिधूड़ी ने हमला करते हुए कहा, दिल्ली में लॉ एंड आर्डर को लेकर केजरीवाल गृहमंत्री पर सवाल उठाते हैं लेकिन पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री की हत्या की साजिश रची जाती है जबकि पुलिस उनके पास है, उसपर चुप्पी साध जाते हैं.
मुद्दा बदलने के पीछे मायने समझिए
दिल्ली की राजनीति को समझने वालों का मानना है कि अरविंद केजरीवाल जानते हैं कि उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. वे खुद दिल्ली शराब घोटाले में तिहाड़ जेल जा चुके हैं. अभी जमानत पर बाहर हैं. इसलिए अगर वे करप्शन की बात करेंगे, दूसरों पर करप्शन के आरोप लगाएंगे तो बेमानी होगी. लोग उनकी बातों पर भरोसा नहीं करेंगे. दूसरी बात, बीजेपी उन्हीं के मुद्दे से उनको घेरेगी. इसलिए केजरीवाल ने मुद्दा ही बदल दिया है. उन्हें पता है कि कानून व्यवस्था दिल्ली के लिए बड़ा मुद्दा है और इसमें उनकी कोई जिम्मेदारी भी नहीं है. क्योंकि पुलिस केंद्र सरकार के पास है. इसलिए वे बार-बार इस मुद्दे को उठा रहे हैं. वे ये भी जानते हैं कि इससे बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को वे कठघरे में खड़ा कर पाएंगे. लेकिन बीजेपी भी पूरी तैयारी के साथ उन्हें करप्शन पर ही घेरने में जुटी हुई है. इसलिए केजरीवाल के लिए इस बार का चुनाव आसान नहीं होने वाला.
Tags: Arvind kejriwal, Atishi marlena, Delhi AAP, Delhi Crime NewsFIRST PUBLISHED : December 7, 2024, 18:01 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed