राजस्थान में बुजुर्गों का जोश हाई ढलती उम्र के बावजूद दिखाया जोरदार जलवा

Jaipur News: राजस्थान के बुजुर्ग वास्तव में यहां के युवाओं से खासे ज्यादा चुस्त और दुरुस्त हैं. राजस्थान में लोकसभा चुनाव के दो चरणों में हुई वोटिंग में उन्होंने दिखा दिया कि वे युवाओं से ज्यादा सक्रिय हैं. सूबे के बुजुर्गों ने लोकसभा चुनावों में नव मतदाताओं से 7 प्रतिशत ज्यादा वोटिंग की है.

राजस्थान में बुजुर्गों का जोश हाई ढलती उम्र के बावजूद दिखाया जोरदार जलवा
जयपुर. राजस्थान में दो चरणों में लोकसभा के चुनाव संपन्न हो चुके हैं. इन दोनों चरणों में प्रदेश में बुजुर्ग वोटिंग के मामले में युवाओं पर भारी पड़े. लोकसभा चुनाव के दौरान इस बार बुजुर्ग मतदाता युवा मतदाताओं से ज्यादा जागरुक नजर आए. उन्होंने युवाओं से ज्यादा मतदान किया है. दोनों चरण के मतदान के बाद चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों में साफ नजर आ रहा है कि 18 से 19 साल के युवा मतदाता उस जोश के साथ मतदान करने नहीं आए जिस तरह 85 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाताओं ने अपना फर्ज निभाया. इन बुजुर्गों ने राजस्थान में युवाओं से 7 प्रतिशत ज्यादा मतदान किया है. राजस्थान में दोनों चरण में 25 लोकसभा सीटों पर 85 वर्ष और इससे अधिक आयु वर्ग के मतदाताओं ने कुल 67.07 प्रतिशत मतदान किया. इस आयु वर्ग में थे 5.71 लाख मतदाता पंजीकृत थे. इनमें से 3.83 लाख बुजुर्ग मतदाताओं ने मतदान किया. इनमें होम वोटिंग करने वाले 55000 बुजुर्ग मतदाता भी शामिल हैं. वहीं विधानसभा चुनाव में अच्छा जोश दिखाने वाले युवा मतदाता लोकसभा चुनाव में उदासीन नजर आए. इस बार विधानसभा चुनाव में युवा मतदाताओं ने रिकॉर्ड मतदान किया था. लेकिन लोकसभा चुनाव में नजारा कुछ बदला हुआ नजर आया. दोनों चरणों में कुल मिलाकर 18 से 19 आयु वर्ग के 60 प्रतिशत युवा नव मतदाताओं ने मतदान किया. विधानसभा चुनाव के मुकाबले लोकसभा चुनाव में युवा मतदाता बूथ तक कम पहुंचे. महज 9.96 लाख युवा मतदाता ही मतदान केंद्र पहुंचे 18 से 19 आयु वर्ग के कुल 16.64 लाख वोटर्स इस बार प्रदेश में पंजीकृत किए गए थे. उनमें से महज 9.96 लाख युवा मतदाता ही मतदान केंद्र तक पहुंचे. युवा मतदाताओं के आंकड़ों पर गौर करें तो बांसवाड़ा में सबसे ज्यादा 77.93 फीसदी युवा मतदाताओं ने मतदान किया. इसी तरह बाड़मेर मे 74.59 प्रतिशत, कोटा में 73.39 फीसदी, जोधपुर में 72.25 फीसदी, चित्तौड़गढ़ में 67.39 फीसदी और झालावाड़-बारां में 63.44 फीसदी युवा मतदाताओं ने वोटिंग की. करौली-धौलपुर में सबसे कम युवाओं ने डाले वोट करौली-धौलपुर में युवा मतदाता सबसे ज्यादा उदासीन नजर आया. यहां युवा मतदाताओं का सबसे कम मतदान 47.44 फीसदी दर्ज किया गया. इसी तरह भरतपुर में 50.5 प्रतिशत, जयपुर ग्रामीण में 51.66 फीसदी, दौसा में 53.83 फीसदी, झुंझुनूं में 54 प्रतिशत और राजसमंद में भी 54.11 प्रतिशत युवा मतदाताओं ने मतदान किया. युवाओं के बदले मिजाज को लेकर भले ही कांग्रेस और भाजपा की ओर से ये दावे किये जा रहे हैं कि मतदान के ये बदले हुए ट्रेंड उनके पक्ष में हैं. लेकिन इस ट्रेंड ने असल में किसे फायदा पहुंचाया ये तो 4 जून को नतीजों में ही पता चल पाएगा. लोकसभा क्षेत्रवार18 से 19 आयु वर्ग के मतदाताओं का मतदान प्रतिशत बांसवाड़ा: 77.93 बाड़मेर: 74.59 कोटा: 73.39 जोधपुर: 72.25 चित्तौड़गढ़: 67.39 झालावाड़-बारां: 63.44 जयपुर: 62.43 गंगानगर: 62.01 जालोर: 61.63 चूरू: 61.2 अजमेर: 58.35 पाली: 57.74 उदयपुर: 57.2 सीकर: 55.15 अलवर: 55.08 टोंक-सवाई माधोपुर: 54.97 नागौर: 54.8 बीकानेर: 54.18 राजसमंद: 54.11 झुंझुनूं: 54 दौसा: 53.83 भीलवाड़ा: 53.27 जयपुर ग्रामीण: 51.66 भरतपुर: 50.5 करौली-धौलपुर: 47.44 युवा बूथ तक जाते तो मतदान प्रतिशत बढ़ जाता राजस्थान में मतदान प्रतिशत के आंकड़ों के विश्लेषण से स्थिति साफ है कि इस बार युवा अगर विधानसभा की तरह मतदान करते तो लोकसभा में भी मतदान प्रतिशत पहले मुकाबले बढ़ पाता. लेकिन चुनाव आयोग के लिए ये चुनौती है कि वो किस तरह से युवाओं को मतदान के लिए ज्यादा जागरूक करें. . Tags: Jaipur news, Loksabha Election 2024, Rajasthan newsFIRST PUBLISHED : April 29, 2024, 16:53 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
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