विश्व योग दिवस पर बड़ा खुलासा! 125 साल पुरानी जैन पांडुलिपि में मिले योग के दुर्लभ प्रमाण जानें क्या है रहस्य
विश्व योग दिवस पर बड़ा खुलासा! 125 साल पुरानी जैन पांडुलिपि में मिले योग के दुर्लभ प्रमाण जानें क्या है रहस्य
International Yoga Day: विश्व योग दिवस के अवसर पर सामने आई 125 वर्ष पुरानी एक दुर्लभ पांडुलिपि ने योग के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रमाणों को उजागर किया है. इस प्राचीन दस्तावेज में उल्लेख मिलता है कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं था, बल्कि जैन मुनियों की दैनिक दिनचर्या और आध्यात्मिक साधना का अहम हिस्सा माना जाता था. पांडुलिपि में विभिन्न योग क्रियाओं, ध्यान पद्धतियों और अनुशासित जीवनशैली का विस्तृत वर्णन मिलता है, जो उस समय की आध्यात्मिक परंपराओं को दर्शाता है. शोधकर्ताओं के अनुसार यह दस्तावेज भारतीय योग परंपरा की प्राचीनता और व्यापकता को प्रमाणित करने वाला महत्वपूर्ण स्रोत है. विश्व योग दिवस के मौके पर यह खोज न केवल योग के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करती है.