नारायण साकार का राजस्थान में एक और आश्रम आया सामने केवल महिलाएं ही
नारायण साकार का राजस्थान में एक और आश्रम आया सामने केवल महिलाएं ही
Alwar News: भोले बाबा नारायण साकार का राजस्थान में दौसा के बाद अब अलवर में भी आश्रम सामने आया है. यहां बाबा कोरोना काल में करीब 10 महीने रहा था. यह आश्रम अलवर के सहजपुरा गांव में बना हुआ है. यहां गांव के पुरुषों को अंदर नहीं जाने दिया जाता था. केवल महिलाएं ही जा सकती थी.
अलवर. नारायण साकार हरि उर्फ सूरजपाल सिंह का राजस्थान में एक और आश्रम सामने आया है. भोले बाबा के नाम से मशहूर नारायण साकार का यह आश्रम अलवर जिले के खेड़ली इलाके सहजपुरा गांव में है. उसमें बाबा के सेवक रहते हैं. इस आश्रम में बाबा कोरोना काल में करीब 10 महीने तक रहा था. यहां लगातार सत्संग होते थे. उनमें हजारों श्रद्धालु आते रहते थे. ग्रामीणों का आरोप है इस आश्रम में सहजपुरा के लोगों (पुरुषों) को प्रवेश नहीं दिया जाता था. आश्रम में महिलाओं और लड़कियों को ही जाने के लिए छूट थी.
सहजपुरा गांव में बाबा का करीब डेढ़ बीघा जमीन पर आश्रम बना हुआ है. ग्रामीण देवीराम ने आश्रम के लिए उनको अपनी जमीन बेची थी. यहां बाबा ने पूर्व में आकर कई बार सत्संग कार्यक्रम का अयोजन किया था. उनमें हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती थी. सहजपुर गांव के लोगों ने बाबा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है बाबा के इस आश्रम में गांव के लोगों को आने जाने से रोक दिया जाता था. बाहर के लोगों और श्रद्धालुओं को आश्रम में आने जाने की अनुमति दी जाती थी.
ग्रामीणों का आरोप हाथरस हादसे के लिए बाबा ही जिम्मेदार है
ग्रामीणों ने बाबा गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हाथरस भगदड़ में जिन 121 लोगों की की जान गई है उसके लिए बाबा ही जिम्मेदार है. ग्रामीणों ने बाबा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसको जेल के सलाखों के पीछे डालने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया की बाबा गांव के लोगों को आश्रम में घुसने नहीं देता था. महिलाओं और लड़कियों को ही आश्रम में प्रवेश की इजाजत दी जाती थी. आश्रम में क्या होता था यह किसी को नहीं बताया जाता था.
अगर बाबा दोषी नहीं है तो उनको पब्लिक सामने आना चाहिए
ग्रामीणों का कहना है कि अगर बाबा दोषी नहीं है तो उनको पब्लिक सामने आना चाहिए. हादसे में हताहत हुए लोगों की सहायता करनी चाहिए. ग्रामीण देवीराम ने का कहना हैं उन्होंने डेढ़ बीघा के करीब यह जमीन बेची थी. उसी में यह बाबा का आश्रम बना हुआ है. इसके सामने जो कुछ हिस्सा है उसी पर बाबा के सेवेदार का कमरा बना हुआ है. लेकिन वह मेरी जमीन है. उसको बाबा के लोगों ने जबरन कब्जा लिया था. यह जमीन 2008-09 में बेची थी. उसके बाद 2010 में इस आश्रम का बनने का काम चालू हो गया था.
बाबा का राजस्थान कनेक्शन पहले भी सामने आ चुका है
उल्लेखनीय है कि बाबा का राजस्थान कनेक्शन पहले भी सामने आ चुका है. बाबा का दौसा में भी बड़ा आश्रम है. वह पेपर लीक माफिया के घर पर बना हुआ है. उस आश्रम पर पेपर लीक केस की जांच कर रही एसओजी ने पेपर लीक माफिया की तलाश में दबिश भी दी थी. वहां भी महिला सेवादारों के कई फार्म बिखरे पड़े हैं. वहीं भरतपुर में बाबा के खिलाफ एक केस दर्ज है. यह केस भी कोरोना काल में दर्ज हुआ था.
Tags: Alwar News, Big news, Rajasthan newsFIRST PUBLISHED : July 6, 2024, 14:54 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed