जहां गढ़ी जाती थीं निज़ाम की तलवारें वही शमशीर गंज अब बाजार बना - इतिहास की भट्टियां ठंडी देखें वीडियो

हैदराबाद के पुराने शहर की तंग गलियों में बसा शमशीर गंज कभी निज़ाम दौर का प्रमुख हथियार निर्माण केंद्र और शाही शस्त्रागार हुआ करता था. तलवार, ढाल और खंजर बनाने वाले कारीगरों की कला दूर-दूर तक मशहूर थी, लेकिन समय के साथ इसकी पहचान बदल गई. जहां कभी भट्टियां धधकती थीं, वहां अब दुकानें और मकान बस चुके हैं. पारंपरिक धातु कला आधुनिक मशीनों की दौड़ में पीछे छूटती जा रही है और सदियों पुराना हुनर लुप्त होने के कगार पर खड़ा नजर आता है.

जहां गढ़ी जाती थीं निज़ाम की तलवारें वही शमशीर गंज अब बाजार बना - इतिहास की भट्टियां ठंडी देखें वीडियो