अमेठी का राजमहल कभी अंग्रेजों के आंखों का था किरकिरी आज कहते हैं भूपित भवन जानें इतिहास

अमेठी राज महल और रियासत की अलग कहानी है. 1857 की क्रांति में जो राजमहल और रियासत अंग्रेजों का कब्जा हुआ करती थी उसे राजा ने अंग्रेजों से छुड़ा लिया और युद्ध के जरिए अंग्रेजों को परास्त कर दिया गया. आज अमेठी का ऐतिहासिक राजमहल अमेठी में मौजूद है जो धरोहर के रूप में जाना जाता है. अमेठी में इसे भूपति भवन के रूप में जाना जाता है. यह महल अपनी नक्काशी अद्भुत बनावट के लिए प्रसिद्ध है महल को बनाने में लखनौरी ईटों का इस्तेमाल किया गया था. आज भी यह महल बिना किसी आंतरिक खर्च और बिना मरम्मत के पुराना ऐतिहासिक महल जैसा चमचमा रहा है इसकी बनावट आज भी चर्चा का केंद्र रहती है.

अमेठी का राजमहल कभी अंग्रेजों के आंखों का था किरकिरी आज कहते हैं भूपित भवन जानें इतिहास