500 साल पहले डाकू से बने संत! आज पूरे देश में फैली है इस संप्रदाय की आध्यात्मिक विरासत

राजस्थान का डीडवाना केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि लगभग 500 वर्ष पुरानी निरंजनी संत परंपरा के लिए भी प्रसिद्ध है. स्वामी हरिदास महाराज द्वारा स्थापित यह संप्रदाय आज राजस्थान से निकलकर देश के 10 से अधिक राज्यों तक फैल चुका है. निराकार ब्रह्म की उपासना और सादगीपूर्ण जीवन इसका मूल संदेश है. डीडवाना के निकट स्थित गाढ़ाधाम दयाल बगीची इस संप्रदाय का प्रमुख तीर्थ स्थल है, जहां हर वर्ष फाल्गुन शुक्ल एकादशी पर विशाल गुदड़ी मेले का आयोजन होता है. यहां देशभर से हजारों श्रद्धालु और संत दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

500 साल पहले डाकू से बने संत! आज पूरे देश में फैली है इस संप्रदाय की आध्यात्मिक विरासत