फरीदाबाद की देवाश्रय गौशाला जहां बेजुबानों को मिलता है नया जीवन और महिलाओं को रोजगार
फरीदाबाद की देवाश्रय गौशाला सिर्फ बेजुबान पशुओं का आश्रय नहीं, बल्कि इंसानियत की मिसाल बन चुकी है. यहां घायल और बेसहारा पशुओं को 24 घंटे इलाज मिलता है, वहीं गांवों की महिलाओं और दिव्यांग बच्चों को रोजगार व आत्मनिर्भरता का अवसर भी दिया जा रहा है. सेवा, संवेदना और स्वावलंबन का अनोखा संगम.