18 साल की उम्र हाथ में गीता और हंसते-हंसते फांसी! मुजफ्फरपुर में आज भी जिंदा हैं खुदीराम बोस की यादें

11 August Shaheed Diwas: मुजफ्फरपुर में शहीद खुदीराम बोस की शहादत को आज भी याद किया जाता है. शहर में करबला, केंद्रीय कारा (फांसी स्थल सहित), अंतिम संस्कार स्थल और कंपनीबाग स्थित स्मारक जैसे 5 ऐतिहासिक स्थल उनके संघर्ष और बलिदान की कहानी कहते हैं. 11 अगस्त को उनके शहादत दिवस पर कार्यक्रम होते हैं.

18 साल की उम्र हाथ में गीता और हंसते-हंसते फांसी! मुजफ्फरपुर में आज भी जिंदा हैं खुदीराम बोस की यादें