किसानों के लिए ATM है साहीवाल की ये क्रॉस ब्रीड गाय

फ्रीजवाल गाय को होलिस्फ्रीटियन और भारत की देसी नस्ल साहीवाल से तैयार किया गया है. यह गाय केंद्रीय मवेशी अनुसंधान संस्थान मेरठ और रक्षा मंत्रालय द्वारा विकसित की गई है. यह भारतीय जलवायु और खासकर ग्रामीण क्षेत्र के लिए बेहद ही अच्छी नस्ल मानी जाती है. यह कम देखभाल में ज्यादा उत्पादन देती है.

किसानों के लिए ATM है साहीवाल की ये क्रॉस ब्रीड गाय
शाहजहांपुर: भारत में ज्यादातर किसान खेती किसानी के साथ-साथ पशुपालन भी करते हैं. पशुपालन करने से किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिल जाती है. किसान कम लागत में ज्यादा मुनाफा लेने के लिए गाय पालन करते हैं. भारत में गाय की 50 से ज्यादा नस्लें पाई जाती हैं. जिनमें से बहुत सी गाय की ऐसी नस्ल की हैं जो खुद को भारत के गर्म वातावरण में डाल नहीं पाती लेकिन उन्हीं में से एक है फ्रीजवाल गाय को कम देखभाल में ज्यादा दूध का उत्पादन करती है. मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि फ्रीजवाल गाय को होलिस्तियन फ्रीजियन और भारत की देसी नस्ल साहीवाल से तैयार किया गया है. यह गाय केंद्रीय मवेशी अनुसंधान संस्थान मेरठ और रक्षा मंत्रालय द्वारा विकसित की गई है. यह भारतीय जलवायु और खासकर ग्रामीण क्षेत्र के लिए बेहद ही अच्छी नस्ल मानी जाती है. यह कम देखभाल में ज्यादा उत्पादन देती है. रोग प्रतिरोधक क्षमता है ज्यादा डॉ. मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि फ्रीजवाल गाय डेयरी उद्योग के लिए बेहद ही उपयोगी है. इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होती है. यह भारतीय जलवायु और यहां के वातावरण में अच्छे से ढल जाती है. इस गाय में 67% विदेशी गाय और 32% साहीवाल के गुण पाए जाते हैं. इस गाय में बीमारियों में लड़ने की क्षमता ज्यादा होती है. एक ब्यांत में देती है 4000 लीटर दूध डॉ मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि फ्रीजवाल गाय एक ब्यांत में 300 दिन तक दूध देती है. यह रोजाना 12 से 13 लीटर दूध देने की क्षमता रखती है. पशुपालक इस गाय से एक ब्यांत में करीब 4000 लीटर दूध का उत्पादन ले सकते हैं. पोषक तत्वों से भरपूर है फ्रीजवाल गाय का दूध डॉ मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि फ्रीजवाल गाय का दूध पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें फैट, प्रोटीन और लैक्टोज पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है. विदेशी नस्ल की गाय बार बार हीट में आने की समस्या रहती है. जल्द गर्भधारण नहीं करती, इस समस्या के लिए पशुपालक इलाज में भारी भरकम रकम खर्च करते हैं, लेकिन फ्रीजवाल वाली गाय में ये समस्याएं भी नहीं आती. Tags: Agriculture, Local18, Shahjahanpur News, Uttar Pradesh News HindiFIRST PUBLISHED : July 29, 2024, 13:39 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें
Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed