यूरिया-DAP पर हजारों रुपये बचाने का मौका! कृषि विभाग ने बताया कम लागत का सीक्रेट

बालोद के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी केशवराम पिद्दा ने लोकल 18 से कहा कि धान की रोपाई के बाद किसानों को सामान्य रूप से यूरिया का छिड़काव करना पड़ता है लेकिन लगातार रासायनिक उर्वरकों पर निर्भर रहने से खेती की लागत बढ़ती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है. इसे ध्यान में रखते हुए किसानों को कम्पोस्ट खाद, नाडेप कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट और हरी खाद के अधिक से अधिक उपयोग की सलाह दी जा रही है.

यूरिया-DAP पर हजारों रुपये बचाने का मौका! कृषि विभाग ने बताया कम लागत का सीक्रेट