300 साल पुरानी कारीगरी का कमाल! जयपुर में आज भी हाथों से बनती हैं खास कैंचियां

Scissor Making Craft: जयपुर के चांदपोल बाजार में स्थित छीतरमल मिस्र की दुकान पीढ़ियों से कैंची बनाने की पारंपरिक कला को संजोए हुए है. कारीगर राजेश कुमार बताते हैं कि यह हुनर उन्हें अपने पूर्वजों से विरासत में मिला है और वे पिछले 50 वर्षों से हाथों से कैंची तैयार कर रहे हैं. मशीनों के बढ़ते दौर के बावजूद उनकी बनाई कैंचियों की मांग आज भी बनी हुई है. कपड़ों की कटाई, हेयर सैलून, पैकिंग और घरेलू उपयोग तक कैंची हर व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यही वजह है कि यह पारंपरिक कारीगरी आज भी लोगों के बीच अपनी पहचान बनाए हुए है.

300 साल पुरानी कारीगरी का कमाल! जयपुर में आज भी हाथों से बनती हैं खास कैंचियां