HC कैसे कह सकता है कि सुप्रीम कोर्ट में AAP सरकार को तुषार मेहता का साथ
HC कैसे कह सकता है कि सुप्रीम कोर्ट में AAP सरकार को तुषार मेहता का साथ
पंजाब में मुख्यमंत्री आवास के सामने की बंद पड़ी सड़क आम आदमी के लिए खोलने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी सरकार को Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने अगले तारीख तक सीएम आवास के सामने वाली सड़क खोलने के पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया है और 2 सितंबर तक जवाब देने को कहा है. पंजाब सरकार के साथ-साथ केंद्र ने भी सड़क खोलने का विरोध किया है.
नई दिल्ली: पंजाब में मुख्यमंत्री आवास के सामने की बंद पड़ी सड़क आम आदमी के लिए खोलने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने अगले तारीख तक सीएम आवास के सामने वाली सड़क खोलने के पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया है और 2 सितंबर तक जवाब देने को कहा है. पंजाब सरकार के साथ-साथ केंद्र ने भी सड़क खोलने का विरोध किया है.
दरअसल, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बीते दिनों प्रायोगिक आधार पर चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास के बाहर एक सड़क खोलने का आदेश दिया था. मगर शुक्रवार की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी. न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार दोनों ने सड़क खोलने का विरोध किया है, जो खतरे की आशंका के कारण 1980 के दशक से बंद है.
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पीठ ने पंजाब सरकार द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ प्रशासन से 2 सितंबर तक जवाब मांगा. शीर्ष अदालत ने कहा कि 1980 के दशक में पंजाब में आतंकवाद के चरम के दौरान सड़क बंद कर दी गई थी. 22 अप्रैल को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सुखना झील को चंडीगढ़ के नयागांव से जोड़ने वाली 500 मीटर की सड़क को प्रयोग के आधार पर 1 मई से खोलने का आदेश दिया था.
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि कभी-कभी लोगों को असुविधा होती है…हमें यह नहीं भूलना चाहिए. इस पर पंजाब सरकार की तरफ से कहा गया कि पंजाब में आतंकवाद फिर से पनप रहा है…एक रॉकेट ग्रेनेड उस सड़क की पहुंच के दायरे में है. इस पर जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि इस दलील से आपको कोई मदद नहीं मिलेगी. उसे तो लंबी दूरी से भी प्रक्षेपित किया जा सकता है. आदेश में दर्ज है कि ये बफर जोन है.
इसके बाद एसजी तुषार मेहता ने कहा कि हाईकोर्ट ने कहा है कि सुरक्षा संबंधी खतरा “कल्पना की उपज” है. सुरक्षा का प्रबंधन सरकार पर छोड़ दिया जाना चाहिए. इस पर जस्टिस खन्ना.ने कहा कि इसपर टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए थीं…लेकिन एक सप्ताह तक यातायात चालू रखने से क्या हो जाएगा. तुषार मेहता ने आगे कहा कि अगर एक सप्ताह में कुछ हुआ तो क्या कोई जिम्मेदारी लेगा?
सड़क खोले जाने के फैसले पर सॉलिसिटर जेनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह यह किसी के जीवन के साथ खिलवाड़ है. वहीं, पंजाब एजी ने कहा कि दुर्भाग्य से हाल के वर्षों में आतंकवाद का पुनरुत्थान हुआ है. हमारी इंटेलीजेंस बिल्डिंग पर हथगोले फेंके गए. इस पर जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि सड़कें उससे रक्षा नहीं करेंगी. इसके बाद एसजी तुषार मेहता ने कहा कि हाईकोर्ट कैसे कह सकता है कि खुफिया रिपोर्टें काल्पनिक हैं. तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हां वे टिप्पणियां अनावश्यक नहीं थीं.
बता दें कि हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस को उस सड़क के लिए यातायात प्रबंधन योजना तैयार करने के लिए यातायात विशेषज्ञों को शामिल करने का भी निर्देश दिया था, जिसे कार्य दिवसों पर आनी वीक डेज में सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक खोला जाना था. सड़क बंद होने के बाद से नयागांव और सुखना लेक के बीच आवाजाही करने वाले लोगों को शहर के निकटवर्ती सेक्टरों से होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है.
Tags: Bhagwant Mann, Supreme Court, Tushar mehtaFIRST PUBLISHED : May 3, 2024, 13:23 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed