पीएफ में 12 फीसदी अंशदान की खत्म होगी लिमिट 7 करोड़ कर्मचारियों पर असर
पीएफ में 12 फीसदी अंशदान की खत्म होगी लिमिट 7 करोड़ कर्मचारियों पर असर
EPFO Update : देश के साढ़े 6 करोड़ से अधिक कर्मचारियों के लिए काम की खबर है. सरकार पीएफ के नियमों में बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है. सरकार की मंशा है कि पीएफ में 12 फीसदी अंशदान की सीमा को समाप्त करके पेंशन के लिए ज्यादा फंड जुटाने का विकल्प दिया जाए.
नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में अंशदान करने वाले देश के 7 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है. सरकार अब पीएफ में अंशदान करने की 12 फीसदी की लिमिट खत्म करने पर विचार कर रही है. इसका मकसद रिटायरमेंट पर कर्मचारियों को ज्यादा लाभ दिलाना है. ऐसे कर्मचारी जो रिटायरमेंट के बाद अधिक पेंशन या फंड की अच्छा रखते हैं, उन्हें पीएफ में ज्यादा अंशदान करने का मौका दिया जाएगा. इससे 12 फीसदी अंशदान की लिमिट खत्म हो जाएगी.
श्रम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस सुधार का मकसद रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को ज्यादा पेंशन और फंड दिलाना है. लिहाजा निवेश के विकल्प में 12 फीसदी अंशदान की सीमा को समाप्त करने पर विचार चल रहा है. अभी नियोक्ता और कर्मचारी दोनों को बेसिक सैलरी का 12-12 फीसदी अंशदान करना होता है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अब इस व्यवस्था में 12 फीसदी की लिमिट को खत्म करनेपर विचार कर रहा है.
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किसके लिए होगा बदलाव
अधिकारी के अनुसार, पीएफ में अंशदान की 12 फीसदी की लिमिट को सिर्फ कर्मचारियों के लिए खत्म किया जाएगा. इसका असर नियोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा. यह व्यवस्था देश के करीब 6.7 करोड़ कर्मचारियों को फायदा पहुंचाएगी. सरकार का मकसद है कि निवेश के विकल्प में कर्मचारी अपनी कमाई का ज्यादा से ज्यादा हिस्सा लगा सकें, ताकि रिटायरमेंट के बाद उन्हें जीवन यापन के लिए ज्यादा रकम मिले.
नियोक्ता का कितना अंशदान
ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, अभी नियोक्ता की ओर से किए जाने वाले 12 फीसदी अंशदान में से 8.33 फीसदी रकम कर्मचारी के पेंशन स्कीम खाते में जाती है, जबकि 3.67 फीसदी रकम हर महीने उसके पीएफ खाते में जमा होती है. इसकी अधिकतम सीमा 15 हजार रुपये है. ऐसे कर्मचारी जिन्होंने 1 सितंबर, 2014 के बाद ज्वाइन किया है, उनके पेंशन फंड में 8.33 फीसदी या अधिकतम 15 हजार रुपये का ही अंशदान किया जा सकता है.
कर्मचारियों के लिए भी नियम
ईपीएफओ ने कर्मचारियों के अंशदान का भी नियम बना रखा है. ऐसे कर्मचारी जिन्होंने 1 सितंबर, 2014 से पहले सर्विस ज्वाइन की है और उन्होंने ज्वाइंट ऑप्शन का विकल्प चुना है तो 8.33 फीसदी का अंशदान अपनी पेंशन फंड में कर सकते हैं. सरकारी इसी लिमिट को खत्म करने पर विचार कर रही है, ताकि कर्मचारी अपनी इच्छा से जितना हो सके पेंशन फंड में अंशदान कर सकें. कर्मचारियों को एक और विकल्प मिलेगा कि वे अपनी इच्छानुसार एकमुश्त रकम या पेंशन जिसमें चाहें ज्यादा पैसा डाल सकते हैं.
Tags: Business news, EPFO account, Pension fund, PF accountFIRST PUBLISHED : November 29, 2024, 11:35 IST jharkhabar.com India व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ें Note - Except for the headline, this story has not been edited by Jhar Khabar staff and is published from a syndicated feed