कौन थे त्रिशूलिया बाबा जिनकी तपस्या से मोहित हो जाते थे जंगली जानवर जानें 300 साल पुरानी कहानी
छतरपुर जिले में आज से 300 साल पहले एक ऐसे भी संत रहे हैं जो अपने चमत्कार के लिए जाने जाते थे.जिले के लवकुश नगर की पर्यटन स्थल बंबरबेनी की पहाड़ी में 300 साल पहले त्रिशूलिया बाबा एक विशाल वृक्ष के नीचे तपस्या किया करते थे. ये इतने चमत्कारी थे कि जंगल-पहाड़ में रहने वाले तेंदुआ और शेर जैसे जानवर भी मोहित होकर इनके पास आया करते थे.