सुल्तानपुर के क्रांतिकारी बाबा रामलाल की कहानी आजादी के लिए 13 बार गए जेल नेहरू के सामने फाड़ दिया था चेक
सुल्तानपुर के क्रांतिकारी बाबा रामलाल की कहानी आजादी के लिए 13 बार गए जेल नेहरू के सामने फाड़ दिया था चेक
Sultanpur History of Independence: बाबा रामलाल मिश्र का स्वतंत्रता संघर्ष केवल भाषणों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने इसके लिए बार बार जेल की यातनाएं भी झेली. उन्होंने कुल 13 बार जेल यात्राएं की थी. साल 1917 में लोकमान्य तिलक के शोक दिवस के मौके पर उन्हें छह महीने की सजा और 500 रुपये जुर्माना हुआ. इसके बाद 1923 के झंडा सत्याग्रह में एक महीने की कैद, 1930 के नमक सत्याग्रह में डेढ़ साल की जेल और 1934 में पांच महीने की सजा झेलनी पड़ी.