लखीमपुर में बाघ-तेंदुए का बढ़ता आतंक एक महीने में 3 मौतें खेतों में जाने से डर रहे किसान जाने से पहले करें ये काम
दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगलों से निकाल कर बाघ और तेंदुआ ने गन्ने के खेतों में अपना ठिकाना बना लिया है. जिस कारण अब वह वापस जंगल नहीं जा पा रहे हैं. लगातार घटनाएं बढ़ती जा रही. वही वन विभाग की ओर से पिंजरे लगाकर बाघ और तेंदुआ को कैद किया जा रहा है. उसके बाद पुनः जंगलों में छोड़ा जा रहा है. पिछले 3 महीने में करीब 6 तेंदुआ को पिंजरे में कैद किया गया है बरसात के मौसम में घटनाएं बढ़ जाती हैं. जंगलों में पानी भर जाता है जिस कारण बाघ और तेंदुआ भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं.