लखीमपुर के गोला गोकर्णनाथ शिव मंदिर में सावन की तैयारियां पूरी दो जोन-चार सेक्टर में बंटा क्षेत्र चप्पे-चप्पे पर नजर

गोला गोकर्णनाथ का पौराणिक शिव मंदिर शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है.  रामायण काल से जुड़ी है शिवलिंग की कथा, पौराणिक शिव मंदिर से जुड़ी एक लोक मान्यता के अनुसार त्रेतायुग में भगवान शिव रावण की तपस्या से प्रसन्न हुए रावण भगवान शिव को अपने साथ लेकर लंका ले जाने लगा भगवान शिव ने शर्त रखी कि उन्हें रास्ते में कहीं भी रखा, तो वह उसी स्थान पर स्थापित हो जाएंगे शर्त के अनुसार रावण भगवान शिव को लेकर लंका के लिए चला जब रावण गोला गोकर्णनाथ के पास पहुंचा तो उसे लघुशंका का अनुभव हुआ. रावण एक चरवाहे को इस हिदायत के साथ शिवलिंग देकर लघुशंका के लिए चला गया कि वह शिवलिंग भूमि पर नहीं रखेगा.

लखीमपुर के गोला गोकर्णनाथ शिव मंदिर में सावन की तैयारियां पूरी दो जोन-चार सेक्टर में बंटा क्षेत्र चप्पे-चप्पे पर नजर