बरेली की जरी-जरदोजी लहंगे आधुनिक और पारंपरिक विधि से होते हैं तैयार विदेशों तक होती है डिमांड

बरेली के कुतुबखाना स्थित आर्य समाज गली में संचालित मशहूर प्रतिष्ठान बिलाल भाई लहंगे वालों के नाम से मशहूर है. उन्होंने लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए बताया कि बरेली की जरदोजी कला वर्षों पुरानी विरासत है. यहां के कुशल कारीगर कोरा, दबका, कटदाना, नलकी वर्क और सिकिया गोटा जैसे बारीक हस्तशिल्प से ऐसे लहंगे तैयार करते हैं. जिनकी मांग देश के बड़े शहरों के साथ-साथ विदेशों में भी रहती है.

बरेली की जरी-जरदोजी लहंगे आधुनिक और पारंपरिक विधि से होते हैं तैयार विदेशों तक होती है डिमांड